हरियाणा में सरकारी स्कूल में टीचर बनन की इच्छा रखने वाले हजार-लाखा युवा हर साल HTET (Haryana Teacher Eligibility Test) जैसी परीक्षा देवे सै। ये परीक्षा सरकार के बोर्ड द्वारा करवाई जावे सै, जेकर पास होणा जरूरी सै ताकि कोई व्यक्ति सरकारी स्कूल में PRT, TGT या PGT टीचर की पोस्ट पर नियुक्ति ले सके।
पर इस बार HTET के नतीजे आड़े काफी विवाद खड़े हो गे सै। रिजल्ट देर से घोषित होया, कठिनाई ज्यादा निकली और पास प्रतिशत काफी कम रहया, जिस कारण लाखों उमरिया रोजगार की आस लगाके बैठे थे, ओ परेशान हो राख्या सै।
इस बीच विपक्षी नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस मुद्दे को उठा कर राज्य सरकार (जेबीपी नेतृत्व वाली) पर आरोप लगाया सै कि सरकार टीचर भर्ती को रोक रख्या सै या कुछ लोगों की नौकरी खतरे में डाल राखी सै। जनता में मुद्दा गरम होया सै।
पूरा विवरण
इस साल HTET परीक्षा के नतीजे 101 दिनों की देरी के बाद जारी हुए। रिजल्ट में लगभग **3.31 लाख उम्मीदवार शामिल रहे, पर सिर्फ लगभग 14% लोगों ने ही परीक्षा पास करी। इसका अर्थ ये हुआ कि करीब 47,000 लोगों ने टेस्ट सफलता से पार पाई, बाकी लाखों उम्मीदवारों की उम्मीदें टूट गईं।
उम्मीदवारों ने परीक्षा के देर से रिजल्ट आने और कठिनाई ज्यादा होने से नाराज़गी जताई। सोशल मीडिया पर कई युवा सरकार से पूछ रहे सै कि आखिर इतनी देर क्यों हुई, और पास प्रतिशत इतना कम क्यूं हो गया? पहले सालों में पास प्रतिशत थोड़ा ज्यादा या सामान्य रहा करता था, लेकिन इस बार समझना मुश्किल सै।
इस बात का राजनीतिक बहस भी शुरू हो गया सै। कांग्रेस के नेता हुड्डा कहना सै कि जिस प्रकार सरकार ने HTET में देरी करी और नतीजे कम पास वालों के निकले, उन से साफ़ दिखता सै कि सरकार राज्य के युवाओं के हित में काम ना कर रही सै। उनके हिसाब से ये सरकारी नौकरी पाने का रास्ता मुश्किल बनाया जा रहा सै और लोग नौकरी के लिए जोखिम में पड़ रहे सै।
सरकारी तहर से यह कहावत आई कि HTET बोर्ड ने नियमों के अनुसार परीक्षा कराई और परिणाम घोषित किए। सरकार का कहना सै कि HTET एक उम्मीदवार की योग्यता जाँचना सु परीक्षा सै, और पास होने वाले लोगों को नौकरी देने के लिए अलग से भर्ती प्रक्रिया भी होवेगी।
इसका लोगों पर असर
HTET के रिजल्ट और नौकरी खतरे में होने की ख़बर से हरियाणा के युवाओं में भारी निराशा फैली पड़ी सै। जिन लोगों ने सालों पढ़ाई-तैयारी करी थी, ओ लोग सोच रहे सै कि बेरोजगारी और बढ़ जाएगी।
माता-पिता की चिंता भी बढ़ी सै। कई घरों में बेटे-बेटियों की पढ़ाई में सालां लग गए पर नौकरी की गारंटी ना मिल पाई, ते घर में तनाव बढ़ गया सै।
स्कूलों में खाली टीचर पद भी दिनों-दिन बढ़ते जा रहे सै। छोटे-छोटे गाँव के बच्चे पढ़ाई में पीछे रह जांदे सै क्योंकि टीचर नहीं मिले।
राजनीति भी इस मुद्दे में तूल पकड़ रही सै। विधानसभा में विपक्ष बार-बार सरकार से HTET के परिणाम और भर्ती प्रक्रिया पर जवाब माँग रहा सै।
भविष्य में क्या बदलाव संभव?
भविष्य में सरकार कुछ कदम उठा सकती सै:
- HTET परीक्षा के लिए पारदर्शी टाइम टेबल और रिजल्ट तिथि पहले से घोषित करना।
- पास प्रतिशत को सही तरीके से निर्धारित करना ताकि योग्य उम्मीदवारों को नौकरी मिल सके।
- HTET के बाद अलगे भर्ती प्रक्रिया जल्दी से पूरा करके नियुक्तियाँ देना।
- जनता से खुलकर संवाद कर के किसी गलतफहमी का समाधान करना।
अगर ये रास्ते अपनाए जां, तो भविष्य में बेरोजगारी और निराशा का बोझ कम हो सके सै और युवा फिर से उम्मीद रख सकेंगे।
FAQ
Q1: HTET परीक्षा के परिणाम में इतनी देर क्यों हुई?
बोर्ड की तारीख में बदलाव और मूल्यांकन में देरी की वजह से रिजल्ट घोषित होने में 101 दिन लग गए।
Q2: HTET पास कर लिया तो सरकार नौकरी देगी क्या?
HTET सिर्फ पात्रता परीक्षा सै। पास होने के बाद भी अलग से भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी।
Q3: पास प्रतिशत इतना कम क्यूं रहा?
परीक्षा मुश्किल स्तर या तैयारी में कमी, दोनों चाहता कारण हो सकदा सै, पर अभी बोर्ड की तरफ से कोई साफ़ वजह नहीं आई।
यह लेख हरियाणा HTET समाचार के आधार पर तैयार किया गया है।